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सर्वनाम: पुरुषवाचक से निजवाचक तक छह भेद
🖋 हिन्दी
सरल

सर्वनाम: पुरुषवाचक से निजवाचक तक छह भेद

⏱ 13 मिनट
👁 1
📅 21 अगस्त 2026

हिंदी सर्वनाम के भेद क्या हैं?

कल्पना करें एक अनुच्छेद में हर बार 'रमेश' नाम दोहराया जाए — यह भाषा बोझिल लगती है। इसकी जगह हम 'वह', 'यह', 'कोई' जैसे शब्द इस्तेमाल करते हैं। सर्वनाम के छह भेद CG TET/CGPSC में नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

परिचय

कल्पना करें एक अनुच्छेद में हर बार "रमेश" नाम दोहराया जाए: "रमेश स्कूल गया। रमेश ने किताब पढ़ी। रमेश घर लौटा।" यह भाषा बोझिल व अस्वाभाविक लगती है। इसकी जगह हम कहते हैं: "रमेश स्कूल गया। उसने किताब पढ़ी। वह घर लौटा।" यहां "उसने" व "वह" ने "रमेश" की जगह ले ली — यही सर्वनाम का मूल कार्य है।

सर्वनाम वह शब्द है जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होता है, ताकि बार-बार एक ही नाम दोहराने से बचा जा सके। यह "पद व पद भेद" (Unit 4) का महत्वपूर्ण उप-भाग है, जिसमें छह भेद हैं।

एक शिक्षक के लिए सर्वनाम की समझ आवश्यक है क्योंकि यह बच्चों के लेखन को स्वाभाविक, प्रवाहमय बनाने में सीधे मदद करता है — दोहराव कम कर, भाषा को अधिक परिपक्व बनाता है।

विस्तृत व्याख्या

आधारभूत बातें

  • सर्वनाम = "सर्व" (सब) + "नाम" — यानी जो सभी (किसी भी) संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हो सके।
  • सर्वनाम के छह भेद हैं: पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक, निजवाचक।

पुरुषवाचक सर्वनाम

बोलने वाले, सुनने वाले या जिसके बारे में बात हो रही हो, उसे दर्शाने वाला सर्वनाम — इसके तीन उप-भेद हैं:

उप-भेदसर्वनामअर्थ
उत्तम पुरुषमैं, हमबोलने वाला स्वयं
मध्यम पुरुषतू, तुम, आपजिससे बात की जाए
अन्य पुरुषवह, वे, यह, येजिसके बारे में बात हो

निश्चयवाचक सर्वनाम

किसी निश्चित, इंगित व्यक्ति/वस्तु की ओर इशारा करने वाला सर्वनाम — यह, वह, ये, वे।

  • "यह मेरी किताब है" (पास की वस्तु), "वह उसका घर है" (दूर की वस्तु)।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

किसी अनिश्चित, अस्पष्ट व्यक्ति/वस्तु को दर्शाने वाला सर्वनाम — कोई, कुछ।

  • "कोई दरवाज़े पर खड़ा है" (व्यक्ति स्पष्ट नहीं), "मुझे कुछ चाहिए" (वस्तु स्पष्ट नहीं)।

संबंधवाचक सर्वनाम

दो उपवाक्यों के बीच संबंध दर्शाने वाला सर्वनाम, प्रायः "जो...वह" के जोड़े में प्रयुक्त — जो, सो।

  • "जो मेहनत करता है, वह सफल होता है।"

प्रश्नवाचक सर्वनाम

प्रश्न पूछने में प्रयुक्त सर्वनाम — कौन, क्या।

  • "कौन आया?", "तुम क्या कर रहे हो?"

निजवाचक सर्वनाम

कर्ता स्वयं के लिए स्वयं/खुद के भाव में प्रयुक्त सर्वनाम — आप (सम्मानसूचक "आप" से अलग), स्वयं, खुद।

  • "मैं आप यह काम करूंगा" (मैं स्वयं करूंगा), "वह स्वयं वहां गया।"

सर्वनाम के छह भेदों की तुलना

भेदकार्यउदाहरण
पुरुषवाचकबोलने/सुनने वाले को दर्शानामैं, तुम, वह
निश्चयवाचकनिश्चित वस्तु की ओर इशारायह, वह
अनिश्चयवाचकअनिश्चित वस्तु/व्यक्तिकोई, कुछ
संबंधवाचकदो उपवाक्यों में संबंधजो, सो
प्रश्नवाचकप्रश्न पूछनाकौन, क्या
निजवाचकस्वयं का भावआप, स्वयं

शिक्षक के लिए व्यावहारिक प्रासंगिकता

  • लेखन-प्रवाह सुधार: बार-बार नाम दोहराने की जगह उपयुक्त सर्वनाम प्रयोग सिखाने से बच्चों का लेखन अधिक स्वाभाविक बनता है।
  • वाक्य-जटिलता में वृद्धि: संबंधवाचक सर्वनाम ("जो...वह") सिखाने से बच्चे जटिल (मिश्र) वाक्य बनाना सीखते हैं, जो प्रारंभिक लेखन से अगले स्तर की ओर बढ़ने में सहायक है।

यह कैसे जुड़ता है — सर्वनाम व पूर्व लेखों की कड़ी

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम व कारक-चिन्ह-रूपांतरण की सीधी कड़ी: पूर्व लेख में सीखा सर्वनाम-रूपांतरण (मैं→मुझे, तू→तुझे) ठीक इन्हीं पुरुषवाचक सर्वनामों पर लागू होता है — यह दिखाता है कि सर्वनाम-भेद व रूप-रचना एक-दूसरे के पूरक हैं।
  2. संबंधवाचक सर्वनाम व आगामी वाक्य-भेद लेख की कड़ी: "जो...वह" जैसे संबंधवाचक सर्वनाम मिश्र वाक्य (एक से अधिक उपवाक्य वाला वाक्य) बनाते हैं — यह आगामी "वाक्य के भेद" लेख में विस्तार से समझाया जाएगा।
  3. निश्चयवाचक सर्वनाम व विशेषण की कड़ी: "यह" व "वह" सर्वनाम के रूप में भी प्रयुक्त होते हैं ("यह अच्छा है") व विशेषण के रूप में भी ("यह लड़का अच्छा है") — यह अगले लेख "विशेषण" में समझाए जाने वाले सार्वनामिक विशेषण की नींव रखता है।
  4. CG-विशिष्ट — औपचारिक संबोधन में मध्यम पुरुष का चयन: छत्तीसगढ़ सहित पूरे हिंदी-भाषी क्षेत्र में मध्यम पुरुष सर्वनाम (तू/तुम/आप) का चयन सामाजिक संबंध व सम्मान दर्शाता है — शिक्षक कक्षा में बच्चों को यह सामाजिक-भाषिक समझ (उम्र/संबंध के अनुसार उचित सर्वनाम चुनना) भी सिखा सकते हैं, यद्यपि यह सिद्धांत सार्वभौमिक है, राज्य-विशिष्ट नहीं।

परीक्षा के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

सर्वनाम CGSSB सिलेबस Unit 4 का महत्वपूर्ण उप-भाग है, विशेषकर छहों भेदों की पहचान व सर्वनाम-रूपांतरण दोनों पर आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

स्मृति सहायक

"पु-नि-अनि-सं-प्र-निज" — पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक, निजवाचक — क्रम याद रखने के लिए। पहचान: "पुरुष=मैं-तू-वह, निश्चय=यह-वह इशारा, अनिश्चय=कोई-कुछ, संबंध=जो-सो जोड़ी, प्रश्न=कौन-क्या, निज=स्वयं"।

सामान्य कक्षा गतिविधियां

  • "नाम की जगह सर्वनाम" गतिविधि — बच्चों से एक छोटा अनुच्छेद लिखवाना जिसमें दोहराए गए नामों की जगह उपयुक्त सर्वनाम भरने को कहा जाए।
  • छह भेदों के अनुसार सर्वनाम-कार्ड छांटने की गतिविधि।

छत्तीसगढ़ पक्ष

सर्वनाम के छह भेदों का सिद्धांत सार्वभौमिक/मानक हिंदी व्याकरण का भाग है, राज्य के अनुसार बदलता नहीं। हालांकि, छत्तीसगढ़ी बोली-भाषी परिवेश में भी मध्यम पुरुष सर्वनाम (तू/तुम/आप) का चयन सामाजिक संबंध व सम्मान दर्शाने में उतनी ही भूमिका निभाता है जितनी मानक हिंदी में — यह एक सार्वभौमिक सामाजिक-भाषिक सिद्धांत का स्थानीय-परिचित उदाहरण है।

उदाहरण

  1. पुरुषवाचक पहचान: "हम विद्यालय जाते हैं" वाक्य में "हम" किस उप-भेद का सर्वनाम है? → उत्तम पुरुष (बोलने वाला स्वयं, बहुवचन)।
  2. निश्चयवाचक पहचान: "यह मेरी पुस्तक है" में "यह" किस भेद का सर्वनाम है? → निश्चयवाचक।
  3. अनिश्चयवाचक पहचान: "कोई दरवाज़े पर खड़ा है" में "कोई" किस भेद का सर्वनाम है? → अनिश्चयवाचक।
  4. संबंधवाचक पहचान: "जो मेहनत करता है, वह सफल होता है" में संबंधवाचक सर्वनाम कौन-सा है? → जो (व "वह" संबंधित निश्चयवाचक सर्वनाम है)।
  5. प्रश्नवाचक पहचान: "कौन आया?" में "कौन" किस भेद का सर्वनाम है? → प्रश्नवाचक।
  6. निजवाचक पहचान: "मैं आप यह काम करूंगा" में "आप" किस भेद का सर्वनाम है? → निजवाचक (स्वयं के भाव में)।
  7. मध्यम पुरुष उप-भेद: "तुम कहां जा रहे हो?" में "तुम" किस उप-भेद का सर्वनाम है? → मध्यम पुरुष।
  8. CG-विशिष्ट — सामाजिक-भाषिक तर्क: एक शिक्षक अपने विद्यार्थी को संबोधित करते समय सामान्यतः "तुम" प्रयोग करता है, पर किसी वरिष्ठ अधिकारी को "आप" — इस चयन के पीछे क्या सामाजिक-भाषिक सिद्धांत है? → मध्यम पुरुष सर्वनाम का चयन सामाजिक संबंध व सम्मान के स्तर पर निर्भर करता है।
  9. निश्चयवाचक बनाम अनिश्चयवाचक: "वह आदमी" व "कोई आदमी" में सर्वनाम-भेद का क्या अंतर है? → "वह" निश्चयवाचक (विशिष्ट व्यक्ति इंगित), "कोई" अनिश्चयवाचक (अस्पष्ट/अनिर्दिष्ट व्यक्ति)।
  10. अन्य पुरुष उप-भेद: "वे कल आएंगे" में "वे" किस उप-भेद का सर्वनाम है? → अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात हो, बहुवचन)।

महत्वपूर्ण तथ्य / तालिका

सर्वनाम भेदउदाहरणपहचान
पुरुषवाचकमैं, तुम, वहबोलने/सुनने वाले को दर्शाए
निश्चयवाचकयह, वहनिश्चित वस्तु की ओर इशारा
अनिश्चयवाचककोई, कुछअनिश्चित व्यक्ति/वस्तु
संबंधवाचकजो, सोदो उपवाक्यों में संबंध
प्रश्नवाचककौन, क्याप्रश्न पूछना
निजवाचकआप, स्वयंस्वयं का भाव

सामान्य भ्रांतियां

  1. निश्चयवाचक व अन्य-पुरुष पुरुषवाचक सर्वनाम को भ्रमित करना। "यह" व "वह" दोनों भेदों में प्रयुक्त हो सकते हैं — संदर्भ के अनुसार इनकी भूमिका तय होती है (अन्य पुरुष के रूप में या निश्चयवाचक के रूप में)।
  2. सम्मानसूचक "आप" व निजवाचक "आप" को एक ही समझना। "आप कैसे हैं?" में "आप" मध्यम पुरुष (सम्मानसूचक) है, पर "मैं आप यह काम करूंगा" में "आप" निजवाचक (स्वयं के भाव में) है — प्रयोग-संदर्भ भिन्न है।
  3. संबंधवाचक सर्वनाम को अकेले, बिना जोड़ी के प्रयुक्त समझना। "जो" सर्वनाम प्रायः "वह/सो" के साथ जोड़ी में प्रयुक्त होता है ("जो...वह"), इसे अकेला वाक्य-घटक समझना अधूरा है।
  4. सर्वनाम व विशेषण को भ्रमित करना जब "यह/वह" संज्ञा के साथ प्रयुक्त हों। "यह अच्छा है" में "यह" सर्वनाम है, पर "यह लड़का अच्छा है" में "यह" विशेषण (सार्वनामिक विशेषण) बन जाता है — यह भेद अगले लेख में स्पष्ट होगा।
  5. छह भेदों में से किसी एक को याद न रखना, विशेषकर निजवाचक व संबंधवाचक को कम महत्वपूर्ण समझना। परीक्षा में सभी छह भेद समान रूप से पूछे जा सकते हैं।

पूर्व वर्ष के प्रश्न पैटर्न

एक प्रत्यक्ष खोज में इस उप-विषय (सर्वनाम) पर सटीक, उद्धरण-योग्य CG व्यापम प्रश्न-पाठ इस सत्र में उपलब्ध स्रोतों से पुष्टि नहीं हो सका, इसलिए — बताए गए फॉलबैक नियम के अनुसार — यह खंड CGSSB के आधिकारिक सिलेबस-दस्तावेज़ की पुष्टि व राष्ट्रीय-स्तर CTET/REET परीक्षाओं के सामान्य पैटर्न पर आधारित है।

  1. सिलेबस-पुष्टि (CGSSB आधिकारिक सहायक शिक्षक सिलेबस दस्तावेज़): "पद व पद भेद" इकाई में सर्वनाम को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध किया गया है।
  2. भेद-पहचान पैटर्न (राष्ट्रीय स्तर): एक वाक्य देकर उसमें रेखांकित सर्वनाम का भेद पहचानने वाले प्रश्न — यह सबसे सामान्य प्रारूप है।
  3. रूपांतरण पैटर्न (राष्ट्रीय स्तर): पुरुषवाचक सर्वनाम व कारक-चिन्ह देकर सही रूपांतरित रूप चुनने वाले प्रश्न।

स्रोत के बारे में ईमानदार टिप्पणी: इस उप-विषय पर सटीक, प्रत्यक्ष CG-विशिष्ट प्रश्न-पाठ की पुष्टि नहीं हो सकी, पर आधिकारिक सिलेबस दस्तावेज़ इस विषय के परीक्षा-योग्य होने की पुष्टि करता है। किसी भी कोचिंग सामग्री के विशिष्ट वर्ष/प्रश्न के दावे को भरोसा करने से पहले आधिकारिक उत्तर कुंजी से जांचें।

स्वयं जांचें

  1. क्या आप सर्वनाम के छह भेदों के नाम बता सकते हैं?
  2. क्या आप पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन उप-भेदों को उदाहरण सहित बता सकते हैं?
  3. क्या आप "जो...वह" जैसे संबंधवाचक सर्वनाम का एक वाक्य बना सकते हैं?
  4. क्या आप सम्मानसूचक "आप" व निजवाचक "आप" के बीच का प्रयोग-भेद समझा सकते हैं?
  5. क्या आप निश्चयवाचक व अनिश्चयवाचक सर्वनाम के बीच का अंतर समझा सकते हैं?
  6. क्या आप बता सकते हैं मध्यम पुरुष सर्वनाम का चयन किस सामाजिक-भाषिक सिद्धांत पर निर्भर करता है?
Sahayak ShikshakHindiCTET

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

सर्वनाम के कितने भेद हैं?

'हम विद्यालय जाते हैं' में 'हम' किस उप-भेद का सर्वनाम है?

'कोई दरवाज़े पर खड़ा है' में 'कोई' किस भेद का सर्वनाम है?

'जो मेहनत करता है, वह सफल होता है' में संबंधवाचक सर्वनाम कौन-सा है?

'कौन आया?' में 'कौन' किस भेद का सर्वनाम है?

'मैं आप यह काम करूंगा' में 'आप' किस भेद का सर्वनाम है?

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन उप-भेद कौन-से हैं?

निश्चयवाचक व अनिश्चयवाचक सर्वनाम में मूल अंतर क्या है?

🧭 इस लेख में
📌 मुख्य बिंदु
●
सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाला शब्द है, बार-बार नाम दोहराने से बचाता है।
●
सर्वनाम के छह भेद हैं: पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक, निजवाचक।
●
पुरुषवाचक के तीन उप-भेद: उत्तम पुरुष (मैं, हम), मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप), अन्य पुरुष (वह, वे)।
●
निश्चयवाचक (यह, वह) निश्चित वस्तु इंगित करता है; अनिश्चयवाचक (कोई, कुछ) अस्पष्ट व्यक्ति/वस्तु।
●
संबंधवाचक (जो, सो) दो उपवाक्यों में संबंध दर्शाता है — 'जो मेहनत करे, वह सफल हो'।
●
प्रश्नवाचक (कौन, क्या) प्रश्न पूछने में प्रयुक्त; निजवाचक (आप, स्वयं) स्वयं के भाव में।
●
सम्मानसूचक 'आप' व निजवाचक 'आप' अलग-अलग प्रयोग-संदर्भ रखते हैं।
●
मध्यम पुरुष सर्वनाम (तू/तुम/आप) का चयन सामाजिक संबंध व सम्मान दर्शाता है।
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