वायरस के प्रकार कौन-से हैं?
'कम्प्यूटर वायरस' शब्द सामान्य रूप से उपयोग होता है, पर दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर के कई प्रकार हैं — वर्म (स्वयं फैलने वाला), ट्रोजन (उपयोगी दिखने वाला हानिकारक प्रोग्राम), स्पाइवेयर (जासूसी) व रैंसमवेयर (फिरौती मांगने वाला)। यह CG TET/CGPSC का टॉपिक है।
परिचय
"कम्प्यूटर वायरस" शब्द अक्सर सामान्य रूप से उपयोग होता है, पर वास्तव में दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर के कई अलग-अलग प्रकार होते हैं, जिनमें से प्रत्येक अलग तरह से व्यवहार करता है। यह लेख परीक्षा हेतु हर उम्मीदवार को जानने योग्य मुख्य प्रकार कवर करता है।
मालवेयर के सामान्य प्रकार
| प्रकार | व्यवहार |
|---|---|
| वायरस | किसी वैध फ़ाइल/प्रोग्राम से जुड़ता है; सक्रिय व फैलने हेतु फ़ाइल को चलाना आवश्यक है |
| वर्म | फ़ाइल से जुड़े बिना या उपयोगकर्ता की क्रिया के बिना नेटवर्क पर स्वयं फैलता है |
| ट्रोजन हॉर्स | स्वयं को वैध/उपयोगी सॉफ्टवेयर के रूप में छिपाता है, पर इंस्टॉल होने के बाद हानिकारक कार्य करता है |
| स्पाइवेयर | गुप्त रूप से उपयोगकर्ता गतिविधि की निगरानी करता है व बिना सहमति जानकारी एकत्र करता है |
| रैंसमवेयर | उपयोगकर्ता की फ़ाइलें/सिस्टम लॉक या एन्क्रिप्ट करता है व पहुंच बहाल करने हेतु भुगतान (फिरौती) की मांग करता है |
| एडवेयर | स्वतः अवांछित विज्ञापन दिखाता है, अक्सर मुफ्त सॉफ्टवेयर के साथ बंडल होता है |
वायरस बनाम वर्म
मुख्य अंतर: एक वायरस को फैलने हेतु एक होस्ट फ़ाइल व मानवीय क्रिया (जैसे फ़ाइल खोलना) की आवश्यकता होती है, जबकि एक वर्म बिना उपयोगकर्ता की किसी क्रिया के, कमज़ोरियों का लाभ उठाकर नेटवर्क पर स्वयं फैल सकता है।
ट्रोजन हॉर्स
ग्रीक कथा के लकड़ी के घोड़े के नाम पर रखा गया, एक ट्रोजन एक सामान्य, उपयोगी प्रोग्राम (जैसे मुफ्त गेम या टूल) जैसा दिखता है पर इंस्टॉल व चलाए जाने के बाद गुप्त रूप से हानिकारक कार्य करता है — जैसे डेटा चुराना या हमलावरों हेतु "बैकडोर" बनाना।
स्पाइवेयर व रैंसमवेयर
- स्पाइवेयर पृष्ठभूमि में चुपचाप काम करता है, ब्राउज़िंग आदतों, कीस्ट्रोक या व्यक्तिगत डेटा को ट्रैक करता है, व पहचान चोरी या गोपनीयता उल्लंघन का कारण बन सकता है।
- रैंसमवेयर विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह महत्वपूर्ण फ़ाइलों, जैसे परीक्षा रिकॉर्ड या रिपोर्ट, को पूरी तरह से अगम्य बना सकता है जब तक फिरौती न दी जाए — व भुगतान करने पर भी पुनर्प्राप्ति की गारंटी नहीं होती।
एक शिक्षक के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
इन मालवेयर प्रकारों के बीच अंतर जानना एक शिक्षक को परीक्षा प्रश्नों की भाषा समझने में मदद करता है (जैसे "बिना उपयोगकर्ता क्रिया के फैलना" को वर्म, या "भुगतान की मांग" को रैंसमवेयर के रूप में पहचानना) व विद्यालय डेटा के साथ उचित सावधानी बरतने में मदद करता है।
संक्षिप्त पुनरावलोकन
- वायरस को फैलने हेतु होस्ट फ़ाइल व उपयोगकर्ता क्रिया चाहिए; वर्म नेटवर्क पर स्वयं फैलता है।
- ट्रोजन स्वयं को उपयोगी सॉफ्टवेयर के रूप में छिपाता है पर चलाए जाने पर हानिकारक कार्य करता है।
- स्पाइवेयर गुप्त रूप से जानकारी एकत्र करता है; रैंसमवेयर फ़ाइलें लॉक कर भुगतान की मांग करता है।
- एडवेयर अवांछित विज्ञापन दिखाता है, अक्सर मुफ्त डाउनलोड के साथ बंडल होता है।