भारतीय बैंक प्रणाली क्या है?
बैंकिंग प्रणाली भारत के वित्तीय बुनियादी ढांचे की रीढ़ है, जो बचत को उत्पादक निवेश में बदलती है। भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंक राष्ट्रीयकरण व व्यापक बैंकिंग संरचना को समझना CG TET/CGPSC सामान्य ज्ञान परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
परिचय
बैंकिंग प्रणाली भारत के वित्तीय बुनियादी ढांचे की रीढ़ है, जो बचत को उत्पादक निवेश में बदलती है। यह लेख भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंक राष्ट्रीयकरण व व्यापक बैंकिंग संरचना को कवर करता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)
- भारत का केंद्रीय बैंक, RBI अधिनियम, 1934 के अंतर्गत 1 अप्रैल 1935 को स्थापित, हिल्टन यंग आयोग की सिफारिशों पर आधारित।
- मूलतः निजी स्वामित्व में; 1949 में राष्ट्रीयकृत।
- मुख्यालय मुंबई में है।
- मुख्य कार्य: करेंसी नोट जारी करना (एक रुपये के नोट/सिक्के को छोड़कर, जो वित्त मंत्रालय द्वारा जारी होते हैं), बैंकों का विनियमन, मौद्रिक नीति प्रबंधन व सरकार के बैंकर के रूप में कार्य करना।
बैंक राष्ट्रीयकरण
| घटना | वर्ष | विवरण |
|---|---|---|
| प्रथम चरण | 1969 | प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अधीन 14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण |
| द्वितीय चरण | 1980 | 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण |
- राष्ट्रीयकरण का उद्देश्य बैंकिंग को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित करना व कृषि जैसे प्राथमिकता क्षेत्रों का समर्थन करना था।
भारत की बैंकिंग प्रणाली की संरचना
- RBI (केंद्रीय बैंक, सर्वोच्च नियामक)
- अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक: सार्वजनिक क्षेत्र बैंक (जैसे SBI, PNB), निजी क्षेत्र बैंक (जैसे HDFC, ICICI), विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB)
- सहकारी बैंक: स्थानीय/ग्रामीण ऋण आवश्यकताओं की सेवा करते हैं
- भुगतान बैंक व लघु वित्त बैंक: सीमित कार्यों वाली नई श्रेणियां, वित्तीय समावेशन हेतु लक्षित
अन्य मुख्य वित्तीय संस्थाएं
| संस्था | भूमिका |
|---|---|
| SEBI | भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड — शेयर बाजारों को विनियमित करता है |
| IRDAI | बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण — बीमा को विनियमित करता है |
| NABARD | राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक — ग्रामीण ऋण का समर्थन करता है |
मुख्य मौद्रिक नीति उपकरण (RBI द्वारा उपयोग)
- रेपो दर: वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक निधि उधार देता है।
- रिवर्स रेपो दर: वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से उधार लेता है।
- CRR (नकद आरक्षित अनुपात): जमा का वह प्रतिशत जो बैंकों को RBI के पास रखना होता है।
- SLR (सांविधिक तरलता अनुपात): जमा का वह प्रतिशत जो बैंकों को तरल परिसंपत्तियों (नकद, सोना, सरकारी प्रतिभूतियां) में बनाए रखना होता है।
वित्तीय समावेशन
- प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), 2014 में शुरू की गई, का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को एक बुनियादी बैंक खाते तक पहुंच प्रदान करना है, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है।
एक शिक्षक के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
बैंकिंग बुनियादी बातों को समझना शिक्षकों को वेतन खातों, सरकारी योजना वितरण में मदद करता है व छात्रों को वित्तीय साक्षरता अवधारणाएं समझाने में सहायक है — जो स्कूली पाठ्यक्रम का बढ़ता हुआ हिस्सा है।
संक्षिप्त पुनरावलोकन
- RBI 1 अप्रैल 1935 को स्थापित, हिल्टन यंग आयोग की सिफारिशों पर आधारित; 1949 में राष्ट्रीयकृत।
- बैंक राष्ट्रीयकरण: 1969 में 14 बैंक, 1980 में 6 और बैंक।
- बैंकिंग संरचना: RBI → अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, सहकारी बैंक, भुगतान/लघु वित्त बैंक।
- SEBI शेयर बाजारों को विनियमित करता है; IRDAI बीमा को विनियमित करता है; NABARD ग्रामीण ऋण का समर्थन करता है।
- मुख्य RBI उपकरण: रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, CRR, SLR। PMJDY (2014): वित्तीय समावेशन योजना।