तर्क करना क्या है?
तर्क करना रीजनिंग का वह भाग है जिसमें रक्त संबंध, दिशा ज्ञान व क्रम-व्यवस्था जैसे तार्किक प्रश्न हल करने होते हैं। यह रटने की नहीं, बल्कि सावधानी से सोचने की क्षमता जांचता है। CG TET/CGPSC रीजनिंग खंड में यह नियमित रूप से पूछा जाता है।
परिचय
"तर्क करना" प्रश्न यह परखते हैं कि आप कितनी तार्किक व सावधानी से सोच सकते हैं — न कि आपने कितना रटा है। यह शुरुआती गाइड तीन क्लासिक तर्क प्रश्न प्रकारों को कवर करती है: रक्त संबंध, दिशा ज्ञान व क्रम-व्यवस्था।
रक्त संबंध
ये प्रश्न शब्दों में पारिवारिक संबंधों का वर्णन करते हैं, व पूछते हैं कि दो व्यक्ति किस प्रकार संबंधित हैं।
तकनीक: पढ़ते समय एक सरल पारिवारिक वृक्ष बनाएं — पुरुष हेतु "+", स्त्री हेतु "-", पीढ़ियों हेतु तीर का उपयोग करें। इसे मन में हल करने की कोशिश न करें।
उदाहरण: "एक तस्वीर की ओर इशारा करते हुए, रवि ने कहा, 'वह मेरे दादाजी के एकमात्र बेटे की बेटी है।'" लड़की रवि से किस प्रकार संबंधित है?
- रवि के दादाजी का एकमात्र बेटा = रवि के पिता (क्योंकि रवि उस बेटे की संतान है)।
- तो लड़की रवि के पिता की बेटी है = रवि की बहन।
दिशा ज्ञान परीक्षण
ये प्रश्न किसी व्यक्ति के विभिन्न दिशाओं में चलने का वर्णन करते हैं, व अंतिम दिशा या शुरुआती बिंदु से दूरी पूछते हैं।
तकनीक: एक कंपास की कल्पना करें (या हल्का सा स्केच बनाएं) — उत्तर ऊपर, पूर्व दाईं ओर। प्रत्येक मोड़ को सावधानी से ट्रैक करें: उत्तर की ओर मुख करते हुए बाएं मुड़ना का अर्थ है अब आप पश्चिम की ओर मुख कर रहे हैं; उत्तर की ओर मुख करते हुए दाएं मुड़ना का अर्थ है अब आप पूर्व की ओर मुख कर रहे हैं।
उदाहरण: एक व्यक्ति 5 किमी उत्तर चलता है, फिर दाएं मुड़कर 3 किमी चलता है। वह अपने शुरुआती बिंदु से किस दिशा में है?
- उत्तर 5 किमी, फिर दाएं मुड़ना (उत्तर की ओर मुख → दाएं मुड़ना → अब पूर्व की ओर मुख), फिर 3 किमी पूर्व।
- वह अब अपने शुरुआती बिंदु से उत्तर-पूर्व में है।
क्रम-व्यवस्था
ये प्रश्न व्यक्तियों/वस्तुओं को एक पंक्ति या सूची में रखते हैं व सापेक्ष स्थितियों के बारे में पूछते हैं।
तकनीक: एक सरल सूत्र का उपयोग करें — यदि किसी व्यक्ति का ऊपर से क्रम T व नीचे से क्रम B है, तो कुल = T + B − 1।
उदाहरण: एक कक्षा में, सुनीता का ऊपर से क्रम 7वां व नीचे से 15वां है। कक्षा में कितने छात्र हैं?
- कुल = 7 + 15 − 1 = 21 छात्र।
एक शिक्षक के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
रक्त संबंध, दिशा ज्ञान, क्रम-व्यवस्था जैसे ये तर्क प्रारूप हर प्रतियोगी परीक्षा के तर्क खंड के मुख्य आधार हैं, व चरण-दर-चरण, बिना शॉर्टकट वाला दृष्टिकोण (लिखकर हल करें, अनुमान न लगाएं) छात्रों को समस्या-समाधान सिखाने हेतु भी एक अच्छी आदत है।
संक्षिप्त पुनरावलोकन
- रक्त संबंध: पढ़ते समय एक सरल पारिवारिक वृक्ष बनाएं; मन में हल न करें।
- दिशा ज्ञान: प्रत्येक मोड़ को सावधानी से ट्रैक करें — बाएं/दाएं मुड़ना आपकी मुख दिशा को 90° घुमाता है।
- क्रम सूत्र: कुल छात्र = ऊपर से क्रम + नीचे से क्रम − 1।
- उत्तर मिलने पर एक बार प्रश्न को दोबारा पढ़ें, यह जांचने हेतु कि यह वही है जो पूछा गया था।
- कुछ हल किए गए उदाहरणों का अभ्यास केवल सिद्धांत पढ़ने से अधिक तेज़ी से पैटर्न पहचान बनाता है।